UPI ने October में तोड़ दिए सारे record: ₹31.53 lakh crore का लेन-देन, रोज़ाना ₹1 lakh crore से ज़्यादा का payment

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भारत में digital payment की सबसे बड़ी व्यवस्था UPI ने October 2026 में इतिहास रच दिया है। त्योहारों के महीने में UPI से लेन-देन ने चार record एक साथ तोड़ दिए। National Payments Corporation of India (NPCI) ने 1 November 2026 को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, October में UPI से कुल 25.47 अरब (billion) लेन-देन हुए, जिनकी कुल कीमत ₹31.53 lakh crore रही। ये पहला महीना है, जब UPI ने एक महीने में 25 अरब से ज़्यादा लेन-देन किए और कुल कीमत ₹30 lakh crore से ज़्यादा रही।

इस महीने की सबसे बड़ी खबर ये है कि UPI से रोज़ाना का औसत लेन-देन पहली बार ₹1 lakh crore से ज़्यादा रहा। October में रोज़ाना औसतन ₹1,01,707 crore का लेन-देन हुआ। रोज़ाना लेन-देन की संख्या भी record रही — औसतन 822 million, यानी 82.2 crore लेन-देन हर दिन हुए। ये आंकड़े बताते हैं कि UPI अब भारत में payment का सबसे आम और सबसे बड़ा तरीका बन चुका है।

October 2026 — record तोड़ने वाले आंकड़े एक नज़र में

October 2026पिछले महीने / पिछले साल से तुलना
कुल लेन-देन25.47 अरबSeptember से 5.8% ज़्यादा, पिछले साल से 23% ज़्यादा
कुल कीमत₹31.53 lakh croreSeptember से 7.4% ज़्यादा, पिछले साल से 16% ज़्यादा
रोज़ाना औसत कीमत₹1,01,707 croreपहली बार ₹1 lakh crore से ज़्यादा
रोज़ाना औसत लेन-देन822 millionSeptember में 802 million थे
पिछला record (कीमत)₹29.90 lakh croreMay 2026 में बना था

September 2026 में UPI से 24.07 अरब लेन-देन हुए थे, जिनकी कीमत ₹29.37 lakh crore थी। October 2025 में UPI से 20.70 अरब लेन-देन हुए थे, जिनकी कीमत ₹27.28 lakh crore थी। इस हिसाब से एक साल में लेन-देन की संख्या में 23% और कीमत में 16% की बढ़ोतरी हुई है।

UPI पर charge लगने वाला था, अब Diwali के बाद

इस record के साथ एक और बड़ी खबर भी जुड़ी हुई है। NPCI ने कुछ चुनिंदा UPI merchant payment पर Merchant Discount Rate (MDR) लगाने की योजना बनाई थी। ये एक शुल्क होता है, जो दुकान या merchant को bank और payment company को देना होता है। ये शुल्क 15 October से लगने वाला था, लेकिन NPCI ने इसे Diwali के बाद तक के लिए टाल दिया है। NPCI ने 13 October को कहा था कि त्योहारों के मौसम को देखते हुए MDR को Diwali के तुरंत बाद लगाया जाएगा, लेकिन इसकी नई तारीख अभी अलग से बताई जाएगी।

इस MDR के बारे में एक बात साफ़ रखनी चाहिए। Reports के अनुसार, ये शुल्क सिर्फ़ कुछ चुनिंदा merchant लेन-देन पर लगेगा। NPCI का अनुमान है कि सिर्फ़ लगभग 4% merchant लेन-देन पर ये शुल्क लगेगा, जबकि 95% से ज़्यादा person-to-merchant UPI लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

UPI भारत में कितना बड़ा हो गया है?

UPI को NPCI चलाता है और ये भारत में digital payment का सबसे बड़ा हिस्सा है। एक report के अनुसार, UPI का भारत के कुल digital payment में लगभग 89% हिस्सा है।

आने वाले महीनों में UPI के आंकड़ों पर नज़र रहेगी, खास तौर पर Diwali के बाद के महीने में। लेकिन October के record से एक बात साफ़ है — भारत में digital payment अब देश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा बन चुकी है।

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